25 बरस पहले...

कवितांए बनाते थे पापा, आजकल बहाने बनाते हैं… समय नहीं मिलता, ज़िम्मेदारियाँ बढ़ गयीं हैं, हिन्दी टाइपिंग नहीं आती, लिखने की आदत नहीं रही, कहीं छपने लायक है भी क्या?
इस बार फ़िर घर की सफ़ाई के दौरान उनकी कॉपी मिली जिसमें वे कुछ 25 साल पहले (जैसा पापा ने बताया… क्योंकि मैं तो खुद अभी 19 साल की हूँ) कवितांए और विचार लिखते थे, तो मैंने सोचा पापा का एक ब्लॉग ही बना दिया जाये… सो बना दिया…चूँकि ये रचनाँए 25 वर्ष पुरानी हैं तो उन्हें उस समय को और पापा की उस समय की उम्र को ध्यान में रखते हुए ही पढ़ा जाये…

Wednesday, 7 December 2011

समाज सुधारक थे बाबा साहब…


बाबा साहब की पुण्यतिथि पर अम्बेडकर सर्किल पर जन सैलाब को सम्बोधित करते हुए पापा। :)

5 comments:

  1. नेक काम किया है पापा के काम को आगे लाके .उनकी ख़ुशी हमारी भी ख़ुशी है .

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  2. Nice Blog , Plz Visit Me:- http://hindi4tech.blogspot.com ??? Follow If U Lke My BLog????

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  3. पापा कहते हैं बेटा नाम करेगा - पापा के विचारों एवं अपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाते रहें । मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद । .

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  4. भला हो इस इन्टरनेट का और रश्मि का, बिना किसी खर्चे के श्रोता मिल जाते हैं… सच लिखने पढने का यह मुझे भी सबसे अच्छा माध्यम लगता है ..
    लिखते रहिये कुछ न कुछ अच्छा ही होगा ..
    हार्दिक शुभकामनायें!

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